तुम-हारा कहा खडा है
भरपूर एक दुसरे एक को कहता
दफा हो जा
तो दुयिया के समाज
की तूतू मै मै मे ही रहता
गोदी का आधे तो एही कहता
वारो वफा वरो वारता
तुम-हारा कहा खडा है
भरपूर एक दुसरे एक को कहता
दफा हो जा
तो दुयिया के समाज
की तूतू मै मै मे ही रहता
गोदी का आधे तो एही कहता
वारो वफा वरो वारता