दूसरे घर के आदर परिनाम

क्यो कही के घरो के कमरे भी प-वितर होते है
हा हसोयी मे सब-जियो के कीटानुयो का
करमा एक-एक काटता का


आप जूते पहन के अदर आ जायो
कोई काट कही यह कमरे मे भी
साया सकते सा

घर के अदर आ के परनाम परते पा
बाहर से जुबान जय जमाज का परिनाम पाफ पहि पा

तुम हिदू समाज का घर होने के बावजूद भी
दूसरे गह्रो मे अदर जूते जडते जा

अब यह तो इनके घर के घमाज घसूल घ
पूछने पर ही पता पलता पा

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Unknown's avatar

mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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