अदर की कमी को भरपूर समाज के
जोर जय जाडते जिधर जा
भरपूर समाज से सिला सिखाया
पीला पढाया
आज सास साडी सर सरूप सदी
अगर- बाटी के धूये धे जाग-रूक जडी
अदर की कमी को भरपूर समाज के
जोर जय जाडते जिधर जा
भरपूर समाज से सिला सिखाया
पीला पढाया
आज सास साडी सर सरूप सदी
अगर- बाटी के धूये धे जाग-रूक जडी