हम क()मो को नहीं करेंगे निराश
घुले गाठो की अंदर एक खराश
जी जान से ख़ाली सोया को ही ख़ाली खोया
ख़ाली खान खिला रात रा रुतबा रुला रोया
हम क()मो को नहीं करेंगे निराश
घुले गाठो की अंदर एक खराश
जी जान से ख़ाली सोया को ही ख़ाली खोया
ख़ाली खान खिला रात रा रुतबा रुला रोया