चट चाटा

सरपूर सासो सारनी सा
घर अंदर बिंदी विदाई वानी विचातानी
खट खायेगी खडपूर खमानी
खून खोलेगा खड़ा खुला ख़ि-तानी


तुम हारे मा-बाप को लापता
भरपूर भूतो का भूला भ्राता
और काली कर-तूतू लेकर आया छाता
१०० सर सड़ा इधर उधर एक रावन रटा राता


खुलेयाम खटी खोयी in_ent()it-y की इज़्ज़त
अदर की जाग(जग)रूकता चढ़ाने चढ़ने चो चहकती चा

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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