क्षमा -याद

क्षमा मांगने मे माँ-बच्चे का क्ष बचता मा-बा

सृष्टि गोदी की माँ क्या लगती है तुम-हारी

जब भरपूर मा ने तुम्हे कोई सजा नही दी घरपूर घर को दुनिया की रजा भा-रायी
(मा-बा की आखो को तो सामने-आमने ना नज़र आया तूतू मे मे का भाया)
जो अपने एक को दुनिया मे ऊपर चढ़ाने के लिए कितने को निचे गिराती गा
धर-मो की बटी फ़रियाद ना धिक्कारे अदर एक बरपूर बुनियाद

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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