घर के अदर इधर-उधर की लड़ायी
एक देश के अदर-बाहर की पूरी पढ़ायी
भू के लेखे में असुरो की ज़मीन की ऊंचाई
न मापी किसी ने अपनी जुबान जी तूतू मे मे भरपूर तुरायी
किसी को न भनक सास के दामाद के
भरपूर भाड़ भी भगदड़ बिंदी बी बिदायी
घर के अदर इधर-उधर की लड़ायी
एक देश के अदर-बाहर की पूरी पढ़ायी
भू के लेखे में असुरो की ज़मीन की ऊंचाई
न मापी किसी ने अपनी जुबान जी तूतू मे मे भरपूर तुरायी
किसी को न भनक सास के दामाद के
भरपूर भाड़ भी भगदड़ बिंदी बी बिदायी