भरपूर ब()बाद बू बरात

बाहर कलयुग का क्या हो यह तो सास के दामाद की

आखो को भरपूर भरा (इधर-उधर) भिखेगा

और gut के अदर का भरपूर कलयुग का काम-जाम

अदर ही गर()पूर गायेगा गाठो गा गमगीन गान

बाहर के अंदर

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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