तूतू मे मे को बहुत चोट चाटती च ख़ाली खोट
चुप रहने से ना भरपूर तूतू के जखमो को मा-रहम मै मिला
इसी लिए अदर की तूतू को ऊचा मे चिल्लाना जरूरी बाहर मै-जिला
भरपूर शोर मचाये रहम बाहर बिकवाये बिला
भरपूर प्यार से भरपूर इत्मिनान मे घर के अदर की शाति को
भग करके गहरे जखम जड़े सास के दामाद के दगो का दारोमदार
तो बाहर कौन सी भरपूर भाति की शाति का उपचार ढूढे
सास के गाठो के कधे न गोदी के चार मीनार
घर के अंदर नहीं ख़ाली इ()वार तो अंदर ही मनायो
माली हालत की मैली-सास मुहूर्त त्यार
(दफ(ना)तरो के काम भी भरपूर भा()ति भे दफ़न दाते द-यार)
