दिया वार या

दुनिया दी दुया दा दिया
जाचे जड़ताले जरूर जेक जिया
न दवा न दया दी ख़ाली निया
अदर ही भडकाये भय भा मिया
भरपूर कब्र का घर व्याम व विया


जरूरत की चार दीवारे
भ्रमशान का शम वारे
जो जाये अंदर ख़ाली ख्यारे
तो नज़र न-य धीतर धर धारे


दिन रात गोदी को सताया
सास की सौत साडा साया
एक बात भरपूर भरमाया
अभी नही आया दिखा-वा दाया

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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