मूरखो के मारदार को खो मूरे मियानी मा
बिना मूह खोले ज़ुबान जही जाती जा
सठियाये के भरपूर साठ सा
जूठे जी भरपूर जाठ जा
सास सरपूर भरपूर ठाठ ठा
नही अदर आये भरपूर चाठ चा
ग्वाची होइ सास कितनी ख़ुशी से तूतू मे मे को काट कही का
बाया भाडा भिखारी भरो एक भरपूर करजे-कारी
अदर सास को मार मिटा के ही बाहर की चिता धरोगे
(अदर की चिता तो सास को गुमा गाती गा)
येसा मुमकिन तूतू मे मे की दुनिया मै है
