गोदी के गाल gut ब्रह्माण्ड के बाल
कब कटे कंधार के कु-रख़त काल
योग भरपूर माया ख़ाली खाखन खाल माल
जगराते जब जगे अंदर जागो जय जया जलाल
गोदी के गाल gut ब्रह्माण्ड के बाल
कब कटे कंधार के कु-रख़त काल
योग भरपूर माया ख़ाली खाखन खाल माल
जगराते जब जगे अंदर जागो जय जया जलाल