सास का शरीर रात भी नही भरपूर राख रोती
आत्मा अंदर की दिन-रात की ख़ाली ज्वाख ज्योति
सास का शरीर रात भी नही भरपूर राख रोती
आत्मा अंदर की दिन-रात की ख़ाली ज्वाख ज्योति
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