जब आधे-आधा सास के अदर होके
एक नही रह सकते
तो पेरो की मियानी में दो मरद कैसे
कल कल करते का
सीधे सीधे बतियाओ
एक घर के अदर दो ()रद रो रुकते रा
येसा थोड़ी दिखता दा
शुद्ध शादी फेरो की फूटी फ
दुनिया की एक बर्बादी मोल मली मय
क्यो नही पल सकते पाछे पभी
बनेगे तो भरपूर भक्के बही
हम दो हमारे दो सच्चे सती
