गोदी के अमृत के लिए
असुरो और सुरो के बीच में सुर-आ()गर मंथन
सुरो के हाथ है केतु की पूँछ (नहीं होगी सफ़ेद मूंछ) और असुरो के पास राहु की धड़
(आगे से पकड़ पीछे है जकड)
तभी तो जब-अब देखो
तूतू मे मे दुनिया का एक दिन तू खुद ही
सास की धड़ ख़रीदेगा या खरोंदेगा
अपवित्र असुर
घर के अदर ही सास रौदेगा
