आधे दुनिया की भरपूर सडको की छाक छाली छान छा
और भरपूर सास का दामाद अदर ही एक इज़्ज़त
भरपूर मान बड़ा भाड़ा भरा भा
जल्दी से किराया ख़ाली करो नही तो लुटेगी बात
कलयुग का प-लड़ा है भारी
अंदर नहीं कन्या कोई कुँवारी
आधे दुनिया की भरपूर सडको की छाक छाली छान छा
और भरपूर सास का दामाद अदर ही एक इज़्ज़त
भरपूर मान बड़ा भाड़ा भरा भा
जल्दी से किराया ख़ाली करो नही तो लुटेगी बात
कलयुग का प-लड़ा है भारी
अंदर नहीं कन्या कोई कुँवारी