यह तो गोदी की ख़ाली छईया को देख के ही खुश नहीं अंदर आते
तो दुनिया का बिना मईया का भगवन देख के किसको दुःख होगा
मईया के दिये दिए से खुश नहीं हो जो दुनिया के भगवानो को
एक भरते हो
भांगते
आधा जनम आड़े आयी सास के वास की भड़ास का भाया
भरपूर सोच में ही उलझे रहे सास का साया
