गोदी के दिन का आधा अंत होता देख सास को भरपूर चैन मिलता है
लेकिन दुनिया मे किसी एक का अंत अदर नही रात रोता
तो लय बाहर भार भरपूर भोता
और
अनंत रात को कभी न छूता
गोदी के दिन का आधा अंत होता देख सास को भरपूर चैन मिलता है
लेकिन दुनिया मे किसी एक का अंत अदर नही रात रोता
तो लय बाहर भार भरपूर भोता
और
अनंत रात को कभी न छूता