ख़ाली भाया

गोदी का साया है ख़ाली भाया न जाने भरपूर ज़ुबान
की भरपूर आखे खोलने का किराया


देना पड़ेगा आज का अंदर का भरपूर सरमाया


माया न देखे सर हो या धढ़ गिराया


गला दबा के न मचलो भरपूर भाया


निवाले का जहर न गले ने कहर बाहर मचाया

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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