भूमि के आधे बच्चो की जुबां खींच के
रखी है एक सास भरपूर मे()मान के
गम का भरपूर ल-गान
इससे तो
गोदी के फूल ही चुप चाप सहते है
सास की भरपूर कैंची के कट
स-जाते है भरपूर
घरो के भट
भूमि के आधे बच्चो की जुबां खींच के
रखी है एक सास भरपूर मे()मान के
गम का भरपूर ल-गान
इससे तो
गोदी के फूल ही चुप चाप सहते है
सास की भरपूर कैंची के कट
स-जाते है भरपूर
घरो के भट