हमारा वेश तो सारा हरा है
तुम्हारा देस का भूखा घूरा भरा है
गोदी के अंदर ख़ाली द्वारा है
जो भी अंदर ख़ाली बैठे
ख़ाली मन ही उसका कुंवरा है
हमारा वेश तो सारा हरा है
तुम्हारा देस का भूखा घूरा भरा है
गोदी के अंदर ख़ाली द्वारा है
जो भी अंदर ख़ाली बैठे
ख़ाली मन ही उसका कुंवरा है