आधे ने व()न तो दिखा दिया
अब उसे ख़ाली कौन करेगा तुम्हारे
अंदर तो आधे है हे नहीं
अब आधे बेताल तो उड़ा और
राजा विक्रमादित्या को मिला घड़ा
दौड़े पैर ढूंढा किला
आ बेताल सेहला ले गिला
मिल बैठे साँझ का सिला
आधे ने व()न तो दिखा दिया
अब उसे ख़ाली कौन करेगा तुम्हारे
अंदर तो आधे है हे नहीं
अब आधे बेताल तो उड़ा और
राजा विक्रमादित्या को मिला घड़ा
दौड़े पैर ढूंढा किला
आ बेताल सेहला ले गिला
मिल बैठे साँझ का सिला