आधा को क्या भूलने की पड़ी है
या फिर भू के अंदर भरपूर
भूलक्कड़ लाने की लड़ी है
फिर तो लगता है की
लक्कड़ का ख़ाली आधे
भू के ख़ाली आ-ईरादे
खींची जाए सीधी नाक
चुप चाप भागे नेक न दे
आधा को क्या भूलने की पड़ी है
या फिर भू के अंदर भरपूर
भूलक्कड़ लाने की लड़ी है
फिर तो लगता है की
लक्कड़ का ख़ाली आधे
भू के ख़ाली आ-ईरादे
खींची जाए सीधी नाक
चुप चाप भागे नेक न दे