आधा-आधे की सम्पूर्ण शुद्धि में
रात-दिन गम हो हाते है
आधा गुम हो जाये तो भरपूर बुद्धि
(जिसे अंदर बैठना नहीं सीखता)
और अगर आधे गम हो जाए
तो कत्थक-कली सो सिद्धि
ख़ाली नाट्य ख़ाली वृद्धि
आधा-आधे की सम्पूर्ण शुद्धि में
रात-दिन गम हो हाते है
आधा गुम हो जाये तो भरपूर बुद्धि
(जिसे अंदर बैठना नहीं सीखता)
और अगर आधे गम हो जाए
तो कत्थक-कली सो सिद्धि
ख़ाली नाट्य ख़ाली वृद्धि