गम – शुद्धि

आधा-आधे की सम्पूर्ण शुद्धि में

रात-दिन गम हो हाते है


आधा गुम हो जाये तो भरपूर बुद्धि

(जिसे अंदर बैठना नहीं सीखता)

और अगर आधे गम हो जाए

तो कत्थक-कली सो सिद्धि


ख़ाली नाट्य ख़ाली वृद्धि

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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