-यसत

न दुनिया का एक दिन तुम्हे जान बुझ के व्यस्त रखता है
या फिर तुम-हारे अदर भुझी हुई जान का एक-एक

सस्ता दुखता है और दिखावा दिखता दाव


दुनिया के अदर के क()म तो रोज ही मिलने आते है
फिर सास फौरन ही इतनी हैरान h-u खाती भरपूर रहती है


दुनिया का एक दिन गुजर जाने के बाद घर बहुत करीब लगता है
किसका

_ap of er-s

तुम क्या un-i_ers की गोदी मे पैदा हुए हो

जो तुम-हारी मदद करेगा अदर-बाहर एक करने मे


और मईया की कोख को भरपूर सूखा रखेगा

स-राया

आधे ने घर ख़ाली भार अपने अंदर ही लुटाया


दुनिया की एक-एक सड़को का साड़ा साया


किराया ढ़ोने पर भी सास ने लाठा फिराया


न उतरा गले मे निवा-ले का भाई सास को भरपूर भाया

एक टका

एक टके का भरपूर धड़


ख़ाली गले के हार की कौडियां का कर


सास कौडिया पहन के आयने मे बहुत सुनन्दर दिखती है भर


क्या भरपूर बतयाती भी-खती है खर

ज़ि(मर)द

ज़िंदा हो या मुरदा
सास का भरपूर घर भरपूर कब्र ही होती है
भरपूर घर को ख़ाली कब्र ही भरपूर रोती है
क्या हुया
घर को भरपूर ही छोड़ आये
कुछ ख़ाली नहीं किया अंदर


न एक भरपूर एक का दिन कोई आज की बात है
यह तो आधा जन्म की हर रात की भरपूर सु()गत जात है
एक दिन को एक रात न मिले सास का भरपूर ख्वाब वात है

भरपूर कि-राया

एक दिन एक दिन एक दिन
एक दिन गिनते रहते है
राते क्यों नहीं गिनते
अनगिनत

क्या

जितना कहा उतना ही बोला
उससे सास को ख़ाली सीधा बेसमझ आ ही गया तो बोला
कौन
भय रोया भरपूर किराया भोला

भगवन रात को सपने मे आते है
और दिन की हक्क-की()कत अदा आरते है

पता ये

सास को _t& लेना पड़ता है
_heel के धोने को दहा()ड़ने के लिये


न ज़मीन पे बैठ के नहीं रो-रेग सकती

ਅੰਦਰ ਕਿਥੋ

ਜਦ ਸਾਰੀ ਉਰਜਾ

ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਇਕ ਭਰਪੁਰ ਦੀਆ ਚੁਗਲੀਆ ਨੂੰ ਤੇ ਰਾਤ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਭਰਪੁਰ ਛਾਨਕਾ ਨੂੰ

ਰਾਤ ਦੇ ਭਰਪੁਰ ਜਗ(ਦੀਆ)ਰਾਤਾ ਨਾਲ ਇਕ ਇਕ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਮਜਾ ਹੀ ਭਰਪੁਰ ਭਾ


i am _i-red ਤੇ ਹੋਣਾ ਈ ਆ

ਹਾਯ ਨੀ ਮੇਰਾ d_son
ਪੈਰ ਚੁਕ
ਸਾਰਾ ਦਿਨ ਘਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੈ()ਰਾ ਦਾ ਗੰਡ
ਖਿਲਾਰੀ ਅੰਦਰ ਆਦੇ ਆ