न था, है, रहेगा

बिना सोचे ही भरपूर भानुमान

गोदी के आधे का ख़ाली ध्यान

दूयिया के अदर नही है निशान
क्यो कही के पास नही है

ख़ाली ज़मीन का आसमान
आधे हरीआली गोदी आन