दूयीया की शाति एक छिवि छेपे छायी
घर घर के अदर बर-तन चमका(आ)यी
आयनो मे आग उ(डा)ठा थप थपाई
अदर ही भरो भरपूर था-था-पायी
Category: y-0-s unkno-n
कह-कहे
नर आखे मादा सलाखे
जुबान जाडे ज्वा ज्वाखे
र(न)गीला
दिन को आधा जन्म मिला
अदर भरपूर दिन दुया ढीला
चाव चा चमक च()मका चीला
आते ही टालो तवा ते ताल तीला
बरसे अ-गारा आग र(स()खा)गीला
ਟਾਪੁ ਟੋਣਾ
ਸਕਲ ਤੇ ਟੂਣੇ ਟਾਰੇ ਟੋਏ ਟਾ
ਤੇ ਜੁਬਾਨ ਜਾਦੂ ਜੁਗਾੜ -ਜ()ੜੇ ਜੋਏ ਜੇ
ਲਘਿਯਾ ਅਦਰ ਘਰ ਘੋਏ ਖਾਲੀ ਖਾ
ਭਰੂ ਭਾਰ ਤਾਲ ਤੁਟੈ ਤੋਏ ਤਾ
let’ _av _um _un
a _ime is ru_ning out
le_
u _un _ach in()id _out
गलत()हमी fan_ता
अच्छे-बुरे करमो की अदर-बाहर दहशत
घरपूर घर के अदर कोई नही देखता
तो क्यो कही अदर खुली लू()ट इधर उधर
आधा जन्म करपूर करिया()करम के काड
बाहर रहम रडपूर रन()ता रेकता
मानी न तूतू मे मे की बात
बुत बना मसि मसि मुक्ता
ut_er-()यामी
मु(ह-कहा-के)रख बाहर परा()नी
सास है क्रूर-क्षेत्र ल()हू की दीवानी
न रुके तलवार चढता पडपूर पानी
अदर गिरे न क्यो कही काव क-मानी
बल बल जायो
आधा अदर नरपूर निरबल
आधा बाहर दरपूर दुर(मूह)बल
और बीच मे इधर उधर दरपूर ()थल
जन जन दामाद उज्ज(भरपूर)बल
in(नर)c-red-iबल
यह क्या च()डी बनियान की दूयीया _ut से बाहर निकाल राखी है कि()की
इसे देख के कौन-कौन से दन्त म()जन अच्छे बुरे भलेगे
ys-lf 1 a_ult
घर के अदर _each fu_l wa_er नही है
err& _un out s_a_er
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an out ()fi-nan()c_al
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ge_er-al’ y

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