शाति शनि शाह सुनो

देखो दात देह दाह

इसकी जुबान की मा है अग-अग-करे-जी
इसके पास नही है समय सार सरे सर-जी

हमारी मईया की गोदी मे हमें नहीं
kit()नुयो की कही बु(बू)लदी चा(क)हिये

नही सुनना तो तीन दिन
(चोर-चाद) बाद बनाना

यह शनि देव की शाति
के लिये लाडे लडते

म-गल-मय मडते

ठा ठा

मौत के मूह मे झोकते
तूतू मै मै का समाज क्या चौक-ते
घरो घडघूर दस्तक नही देता मोडते
एक एक मूह मे जय ज्योते


तुम तो हो वास की काली अधेरी रात
मे उडते रहो ठाठ की जात