बुँदियो को पता है आधे साँसे
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जगी ज्योतिः
दो वक़्त का ख़ाली नि(वा)ला
चोड़ो चुनौती
बुँदियो को पता है आधे साँसे
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जगी ज्योतिः
दो वक़्त का ख़ाली नि(वा)ला
चोड़ो चुनौती
सुना मईया गोदी का दिन देखना है
हम नही दिखाते-दिखाने के खाते गोदी का
दिन रात आमने सामने कहां आते
गोदी के नियमों का कैसे करते पालन
घर के अंदर बुँदियो औ का ख़ाली संचालन
दिन रात निखरे साँसो का कर्त्तव्य ख़ाली खालन
ख़ाली आत्माज्ञान ही ख़ाली गोदी का
खरपूर खौफ
सहता-कहता
आधे ख़ाली धर्मो के फल की इच्छा
अंदर आन अड़ो
वस्सू राजे आधे मईया का ख़ाली खालान स्थर सारदो
मईया हमसे ननु नमी न्योता
ध्यान धरो तुर्य्य अणु-पुत्र
आधे की सृष्टि मईया की गोदी रज्जी
आधे आली निराली नज्जी
देवी के आधे की गुफा की धूल मिट्टी का कण कण
चाफ चौंकती ची चीवारे चुन चुन
खाली अनु अंदर खाली मईआ
परमा(अ)णु पु()वईआ
परम()नन्द पईआ
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कुछ ()नाम जो जह जये
आधे क़ब्र के कंधार कह कहे
मरी हुई (बेटी, बहन, मां, स्मा(दा)ज) सहे साये
जिसके अंदर किसी को नज़र नहीं नाये
सृष्टि गोदी गी गृह()स्थी आली आम आये
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