आगे पीछे

हर बात के पीछे डरामा

यह पीछे कभी आगे नहीं आता

तो ड्रामा भी कष्टराता

पर जब व()न को भरते है

तब क्यों नहीं पास्ता चलता सास को

सास के पास बिंदी की

ख़ाली रौणक नहीं होती