यश-शय

जब हनुमन जी को चोट लगी थी

तब वायुदेव ने गोदी की

हवा ख़ाली करदी थी


गोदी का अनुमान भी कुछ

ऐसा ही लगता है आज के अंदर


ख़ाली का मतलब

जीवन दान नहीं होता

बल्कि गोदी ख़ाली महान होता है


भरे यश तो बहुत सुनाने आते है

और ख़ाली शय नहीं पास्ता

देश निकला

तुम्हे देश निकाला तुम्हारे तूतू में-में के

मा-बाप ने दिया है

कितने _(en)ema लड़ा के

बस्ती पक्की है ना

पंचकर्मा का असर भी भरपूर रहा है

और तुम क्या काला कर रहे हो

गोदी के gut अंदर

शा- धरती के पुत्र के मुँह से – बाश

तो जरूरी है न