a_er()t
Category: within
un-a-war
आधे बूंदियो के ख़ाली बैठने से कितनी जलन होती है भरपूर वेहले को
हर वक़्त gut सृष्टि को भरपूर नाम-आम (b_am )
आधे तो जैसे तो गोदी का भरपूर विनाश-व्या-कारन हो गया
रख-वाली
तुम्हारा भगवन मूर्ति के अंदर ख़ाली है
gut मईया आधे की आँखों के अंदर ख़ाली रखने वाली रखवाली है
-ल
तूतू में में की दुनिया पूरी जेल
एक चोर एक सिपाही का भरपूर खेल
भरपूर आधा इधर उधर पूरा मेल
एक बाहर भागे एक अंदर रेल
अंदर का बच्चा वारा फेल
अब भागो आई सारी बूंदियो की
मईया का gut _op ख़ाली a-वेळ
निराली छाया बांधे ख़ाली gut गोदी ऐल
ख़ाली जन्म
पिछले द्वापर युग में कृष्णा का
जन्म जेल में हुआ ता
अदि-नाग की छाया ने मईया की
गोदी अंदर पहुँचःया च
इसी लिए अंदर का ख़ाली बच्चा ही
gut गोदी का सारा अर()माया मा
chan_ or _not
ever- -thing constant is
nothing change
or
nothing constant is
ever- -thing change
गोरे
gut मईया को खुली आँखों से
नहीं देख सकते आयने में अपनी
अ()कल के परदे तो गोरे हे
रहेंगे न अदर
u hav _h@ it _ach
y in()id u un()not hav
th@ _hich is no emptee
to _ach y in()id
u emptee
भरते रहो बीमा
ख़ाली दामाद तो देने से रही सास
gut गोदी को (लेकिन एह तो हो के
रहेगा आज के युग में)
आधे को क्या बीमा(वार)रिया
भरनी है तूतू में में की दुनिया की
कम(खा)यी से gut गोदी के अंदर
a ba_ic _eed of ha_f
wit()in _ur()ace breathing
is to ful()ill
y _chill
_ence
for y e*is()ence of
ever-y-thing is one process
&
un-exi_t()ence within lap
of gut nature is
to()tal aum()tea
no()thing
wiw o
ingress

You must be logged in to post a comment.