hang_ed _an

आधे की बंद आँखों की नुमाईश की है फरमाईश भरपूर चाहे एक ख्वाईश


असुरो को ख़ाली बिठा के अब बांधे है गोदी मे समाने की गुंजाईश


अब क्या वा()धे के आधे से शा(त-ब)दी करोगे


फिर उलटी टांगे डालेगी भगड़ा गोदी के आसमान मे


hang_ed _an

(a mo_ent’s _os)

gut मईआ ने आंखे बंद किते ही

सास को पल-पोस

के बड़ा कर दिया और सास की

आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म

की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये

फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा

तेरा भरपूर ख्वाब

पभी पूरा पो पाया पय

रात(दिन)रात

रात को दिन बना रखा है और दिन मे ही बाहर निकलते है न


भरपूर दुनिया भी निकलेगी ब्रह्माण्ड की रात के अंदर


१-१ कलयुग मे ऐसा एक कही कई बार-बार को लेके आता है