u _no we-ill-age pe()ple
un()not _lik as mandalalit’
_alf is c_illing 1 in()id 1
s_lit for भरपूर un_it
ever–thing em_tee
y in()id u _it
u _no we-ill-age pe()ple
un()not _lik as mandalalit’
_alf is c_illing 1 in()id 1
s_lit for भरपूर un_it
ever–thing em_tee
y in()id u _it
ख़ाली लसता नही स()लेगा
चब तुलो
gut गोदी के ख़ाली समय की
कक्षा में हर साँस देरी नहीं करती
बिंदी में बूँदि मईआ समाएगी
ख़ाली घर में आधे गाएगी
आधा ख़ाली जागएगी
रात-दिन शाम को बहकाएगी
आधे देवी के लिए भरपूर ख़ाली गुफा
असुरो का भरपूर वेहला-पन न
gut गोदी से दफा(नाया)
का वफ़ा
no _atter _ow _ard
u t()y is har_
_@_er in()id
_ol d()y
भूमि के आधे बच्चो की जुबां खींच के
रखी है एक सास भरपूर मे()मान के
गम का भरपूर ल-गान
इससे तो
गोदी के फूल ही चुप चाप सहते है
सास की भरपूर कैंची के कट
स-जाते है भरपूर
घरो के भट
एक सास अपने भरपूर मरे हुयो को देते है
इज़्ज़त c()me()er-y के ख़ाली घरो में
कैद कर के को नहीं मालूम क्यों नहीं होती
ceme_ter_ घर के अंदर चलना तो
पड़ेगा थोड़ी दूर को तो दर्शन हो जाये
जन्म दिन के साल में एक बार पर मौत
तो आधा जन्म को एक हे बरी मिलती है
और उसके बाद भरपूर भरा भूला
पूरी सास का एक एक कदम का
सारा दाम
तुमने अपमान भी किया और
ख़ाली माँ को लालकारा दिया
अब तो काली ही लगायेगी
लाल का लाला भाला
नहीं निराला भरपूर निवाला
s’ood u be a_sent here
a we-illage is ai()ing red
f_ag in()id un()not wai()ing
u re()urn ho()me
as u left a-lon
_till _ai()ing out is s_ill in()id
no()thing _an _im _arkness
_et within ever–thing em_tee sh()ine
within _ap of gut()nature
You must be logged in to post a comment.