यश-शय

जब हनुमन जी को चोट लगी थी

तब वायुदेव ने गोदी की

हवा ख़ाली करदी थी


गोदी का अनुमान भी कुछ

ऐसा ही लगता है आज के अंदर


ख़ाली का मतलब

जीवन दान नहीं होता

बल्कि गोदी ख़ाली महान होता है


भरे यश तो बहुत सुनाने आते है

और ख़ाली शय नहीं पास्ता