भरते रहो बीमा

ख़ाली दामाद तो देने से रही सास

gut गोदी को (लेकिन एह तो हो के

रहेगा आज के युग में)

आधे को क्या बीमा(वार)रिया

भरनी है तूतू में में की दुनिया की

कम(खा)यी से gut गोदी के अंदर

a ba_ic _eed of ha_f

wit()in _ur()ace breathing

is to ful()ill

y _chill

भरपूर असर

gut गोदी की वर्तमान heat से

gut ब्रह्माण्ड के

भूत, वर्तमान, भविष्य की गति

पर भरपूर असर पास्ता है


असुरो की भरपूर आदतों को

तो कोई असर आज भी

नहीं होता

खेल ख़ाली

कच्ची ईंट-पत्थर-लकड़ी के घर

gut गोदी का खेल ख़ाली खेलते खा

तुम्हारे घर न तो ज़मीन पर है और

न ही तुम्हारी दुनिया के अंदर

दुनिया की गंध में इधर उधर की

भरपूर हवा बे-हाल है

3 _नदर

आंधी के ३ अंदर

अंधी आंखे

बे()त-ल-ब कान

भरे भरपूर ज़ुबान

यही है पूरा इम्तिहान

न जाने कब आये

मेहमान की जान

जरा देखो तो gut गोदी का

ज़र्रा ज़र्रा है सारी पहचान

दा()म

तुम्हारी भरपूर ज़ुबानों पे काले

ताले ना लगवा दीये

तो हमारा दाम भी gut गोदी का

ख़ाली एही & ख़ाली यही

&

तूतू मैं में की दुनिया ने ख़ाली आधे

का भरपूर मज(य-का)बूत बनाया

और आधा को घर के

अंदर भरपूर गिराया