आ-स

तुछ मानस

मान सास फिर उपवास

तेरा दिखावा भरपूर वास

मा को लेके नस/नस का दास

गोदी के बाहर भरपूर जायेगा बिना त्रास

un-a-war

आधे बूंदियो के ख़ाली बैठने से कितनी जलन होती है भरपूर वेहले को


हर वक़्त gut सृष्टि को भरपूर नाम-आम (b_am )


आधे तो जैसे तो गोदी का भरपूर विनाश-व्या-कारन हो गया

-ल

तूतू में में की दुनिया पूरी जेल

एक चोर एक सिपाही का भरपूर खेल

भरपूर आधा इधर उधर पूरा मेल

एक बाहर भागे एक अंदर रेल

अंदर का बच्चा वारा फेल

अब भागो आई सारी बूंदियो की

मईया का gut _op ख़ाली a-वेळ

निराली छाया बांधे ख़ाली gut गोदी ऐल

ख़ाली जन्म

पिछले द्वापर युग में कृष्णा का

जन्म जेल में हुआ ता

अदि-नाग की छाया ने मईया की

गोदी अंदर पहुँचःया च

इसी लिए अंदर का ख़ाली बच्चा ही

gut गोदी का सारा अर()माया मा

बांट-वार मर-दो

gut गोदी को मर्दो की जात दिखाते है

अंदर के आम को बांट-वार खाते है

सीता के अपहरण को भीतर बिठाते है

पात इधर-उधर पते की पूरी

पास पतियाते है