साँसें क्या ठगे देखे ठहर
अंदर बैठे काली कहर
निगला नीला नाम नहर
पिघला पीला पूरा पहर
Category: innate
th@’s wal_ing
no _alking
w_ile _tal_ing
ख़ाली आभास
एह एहसास
हमारे साँस पास
गोदी की आस
न रहे उदास
ख़ाली ख़ास
शय्या शान
गहराई का अनुमान
नहीं साँसों का मकान
धारे ध्यान धूम धन्वान
ख़ाली साँसे सारा सम्मान
बहाये अंदर बहारे बईमान
total shunea
shunea veda
4
shunea gut
4
shunea breathing
@ 💝

मांगे मांगे
१०० में आगे आधे
अंदर नहीं भागे
निगले नाल नागे
पिघले पाल पागे
दलदल दले दागे
बाहर बहाए बागे
क्या कहे कागे
हरिआली गोदी शुन्य साँस
आधा जन्म की पूर्ण ख़ाली
आधे साँस
सृष्टि गोदी बुँदिआ
मईआ
को मुबारक़
लो()ली
साँसों की होळि
दिल ने माल मधोली
मिल जुल ख़ाली खोली
ले आया अनु आम अमजोळी
ख़ाली आधा-आधे आए
श्री श्री श्री
देवकी रुक्मिणी यषोदा
सारी बुँदिआ कलयुग के केवल्य
आधे बूंदी के अंदर सृष्टि
गोदी वसु-बा को निर्धारित
नमय ने नाए
—
आधा ऊपर
आधे निचे
बीच में गोदी
सींचे

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