चा-दनी

२-४ दिन की चांदनी फिर अधेरी रात

चा-दनी भी भरपूर के दिन की रोशनी

को चमका देती है

असुरो का रात का सोना भी

असली होना नहीं

_ic_alk

असुरो की नाक और जुबाक

तेज भरपूर _alk

गोदी की गन्दगी से करते है

ma()ch _ic _alk

जैसे खाना वैसा वास

भरपूर sa_iety on रास

चलो चसले रास-लीला

सास के दामाद की _ta_k


भरपूर आस के आस्तिक

gut गोदी के नास्तिक

ख़ाली जाम

आज तो बिजली चमकेगी


चकमक चकमक चाव चकेगी


चुलबुली चाल गोदी मचलेगी


१४ बरसो के रात-दिन का जन्म


गोदी के ख़ाली नाम पुन्र प्रवेश का नमन


आधि बूंद की आदि बिजली का बंधन रमन


जनम दिन(रात) मुबारक हो ख़ाली जाम अमृतम अमन

खींचेगा लकीर

अब भरपूर तो सास में है

पूरा बेशरम और है पूरा बद()मीज़

खेंचे भरपूर कमीज़

gut गोदी का सूखा क्या करेगा

खींचेगा लकीर न लाँघ

सजे पूरा अकील ख़ाली बैठो

बूझो ख़ाली खील