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भरपूर की अकल आने का क्या फायदा
आज की गोदी को
जो कल के अंदर आ भरपूर करी
आयी आ
ध को न्याय मिलता है भरपूर अनुवाद से
धन्यवाद
ख़ाली अनु gut गोदी के अंदर
ख़ाली विवाद
उच्च कोटि के विद्वान भरपूर उच्च
निति को ध्याते है
खाली कूट gut गोदी की निति के
साथ ख़ाली बहसती है
या बहाती है
२-४ दिन की चांदनी फिर अधेरी रात
चा-दनी भी भरपूर के दिन की रोशनी
को चमका देती है
असुरो का रात का सोना भी
असली होना नहीं
सिर-के के अंदर सब जियो के
सिर पैर ठंडे ठंडे शरीर भी सुन्न ख़ाली
सास के दामाद को तो भरपूर गर्मीं चाहिये
जग(की)राता जगाने की जय
असुरो की नाक और जुबाक
तेज भरपूर _alk
गोदी की गन्दगी से करते है
ma()ch _ic _alk
जैसे खाना वैसा वास
भरपूर sa_iety on रास
चलो चसले रास-लीला
सास के दामाद की _ta_k
भरपूर आस के आस्तिक
gut गोदी के नास्तिक
आज तो बिजली चमकेगी
चकमक चकमक चाव चकेगी
चुलबुली चाल गोदी मचलेगी
१४ बरसो के रात-दिन का जन्म
गोदी के ख़ाली नाम पुन्र प्रवेश का नमन
आधि बूंद की आदि बिजली का बंधन रमन
जनम दिन(रात) मुबारक हो ख़ाली जाम अमृतम अमन
u-nit-y con-sci()us()ness
on _hol()ness
()es
l_ate y in()ide u
gut _ur()ace()all wor_d
अब भरपूर तो सास में है
पूरा बेशरम और है पूरा बद()मीज़
खेंचे भरपूर कमीज़
gut गोदी का सूखा क्या करेगा
खींचेगा लकीर न लाँघ
सजे पूरा अकील ख़ाली बैठो
बूझो ख़ाली खील
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