दुनिया की एक सास का वास
नही शामिल गोदी के अंदर का उपवास
ख़ाली हो गोदी का सारा निकास
आधे की एही प्यारी प्यास
कब खुले बूंदियो की ख़ाली आस
दुनिया की एक सास का वास
नही शामिल गोदी के अंदर का उपवास
ख़ाली हो गोदी का सारा निकास
आधे की एही प्यारी प्यास
कब खुले बूंदियो की ख़ाली आस
आखे उठाने से दामाद की दुनिया भी
उठ जाती है
और आगे की खड़ी है त्यार
उठने को अदर यार
ख़ाली सांसो की gut मईआ अलग करके
भरपूर रिश्तो की तो भरपूर कदर होती है
तूतू में में की रोशनी की दुनिया में
असली gut गोदी कहा है
रात अंदर
तूतू में में की दुनिया में भरपूर कम(आ)यी
की कीमत पूरी नहीं सारी है से
बीमा-यारिया साफ होती है के गहरी
होने से भरपूर यात्रियों के दुख सुख में
भरपूर शामिल रहता है सब को
एक बना के रखता है
gut मईआ ने आंखे बंद किते ही
सास को पल-पोस
के बड़ा कर दिया और सास की
आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म
की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये
फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा
तेरा भरपूर ख्वाब
पभी पूरा पो पाया पय
तुम-हारे आधा जन्म के भरपूर अदर
की मौत तो भरपूर पैदा होने से पहले ही
तय है नहीं भरेगा आज का भय
ख़ाली तैरेगा गोदी के
अंदर ख़ाली लेय
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_ual _word is
to()tal _harp
pro()e_cting wit()in
_ap of gut nature
to()tal wiw o
_arp
gut nature ने भरपूर के रास्तो में
भारी मुश्किलें खड़ी करदी है इसी लिये
gut गोदी में भारी भरपूर मुश्किलो
का आमना-सामना सामने
सड़ सहा से
तूतू में में की दुनिया तो भरपूर
दुरभाग्य की बदौलत ही
पूरी बद की दौलत है
gut गोदी में ऐसी दो-लत ख़ाली है
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