ਭਰਪੂਰ ਖਾ ਲਿਆ ਭਰਪੂਰ ਪਾ ਲਿਆ ਤੇ
ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਰਾਖ ਭਰਪੂਰ ਉੜਾ ਲਈ
जुयो की भरपूर सफ़ेद बस त्यार
ज़ुबान वी पूरी समझदार
चलो अदर की रात में दीवारे
लाघने में भरपूर आसानी होगी
ਭਰਪੂਰ ਖਾ ਲਿਆ ਭਰਪੂਰ ਪਾ ਲਿਆ ਤੇ
ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਰਾਖ ਭਰਪੂਰ ਉੜਾ ਲਈ
जुयो की भरपूर सफ़ेद बस त्यार
ज़ुबान वी पूरी समझदार
चलो अदर की रात में दीवारे
लाघने में भरपूर आसानी होगी
भरपूर तो हजम पूरा अदर हो जावे
पर क्या करे गोदी के मा-खन से शरीरो को बीमारिया
लगती है बहरी हो कानो में तेल डालो
भरपूर मुलायम याद रहेगा
गुरु
_ean one th@
dispel dark_ess
& _hose _arkness one is
dis_elling in()id u
gut nature godi’
असुरो से पूछो
_h@ is dark_ess?
रात का अधेरा साया
अदर के बाहर
गोदी का साया है ख़ाली भाया न जाने भरपूर ज़ुबान
की भरपूर आखे खोलने का किराया
देना पड़ेगा आज का अंदर का भरपूर सरमाया
माया न देखे सर हो या धढ़ गिराया
गला दबा के न मचलो भरपूर भाया
निवाले का जहर न गले ने कहर बाहर मचाया
भरपूर आधा अपने अंदर के ख़ाली आधे
का भरपूर दु(हाई)मन दश दश है
इसे गोदी के फाटक से फटाक लातके लगेंगे
तभी भरपूर भूत अंदर के फाटक
ख़ाली पटकेंगे
भरपूर को भरपूर su()port है fam(1)li
की हर आधा जन्म में var-y करती रहती है
अदर के एक की भरपूर चुगलियो की
_ol rap()ort
जब ख़ाली डंडे ही असुरो के भरपूर का
कुछ बिगाड़ नहीं सकते तो
ख़ाली आधा तो गोदी में डूबा हुआ है
तैरना नहीं आता
आधे को तो एह भी नहीं पता
बूंदियो की सा(हा)या(आ)ता होती है
gut गोदी में पता नहीं
कहां बहती है बूंदिया
y _et u list()n in()id 1 to
bel-i()ve an out()id 1 &
no u bec()me _ol on
& so c_urn in gut
cauld()on
—
un()each-able
भरपूर का अंत तो निश्चित है
फिर भरपूर इतना उपर क्यों चढ़ता है
अंत भी निश्चिन्त हो जाये ऊंचाई की
गिरा(कर)वट से
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