ਮੀਤ ਗਯਾ

ਜਿੰਨੂ ਆਪਣੇ ਅੰਦਰ ਦੀ ਸਮਝ ਨਾ ਹੋਵੇ


ਉਹ ਬਾਹਰ ਦਾ ਲਿਖਯਾ ਪੜਾਇਆ


ਅੱਧਾ ਜਨਮ ਈ ਅੱਖਾਂ ਮੀਤ ਜਾਵੇਗਾ


ਤੇ ਅੰਦਰ ਦਾ ਸਿਖਣ ਆਇਆ


ਅੰਦਰ ਨੀ ਅੱਖਾਂ ਲਬਦਾ ਲਿਆਯਾ

आधा अंश का कण

जब सूर्य का आधा कण गोदी के अंदर आ जाए
तो क्या होगा


भरपूर गलेगा और ख़ाली घुलेगा


ख़ाली अनु का गोदी मे मान नही रखा

तो फिर आज भरपूर आन()धान की

सास अदर कैसे गलोगे

अदर उठे के बाहर लुटे


जब सास को अंदर मौत आती है तो

बाहर के शरीर को दफना या जला दिया आता है


जब भरपूर सास मर के अंदर ही ख़ाली जाग जाती है

उसके अंदर के भरपूर धढ़ अपने आप ही पूरे धढो को दफना देते है

या फिर ख़ाली अग्नि मे जल आते है

क्या हुआ

तुम-हरी सास मर-मार-मर के भी भरपूर भारी बीमा()री

आधा घर का स् -सार

यह क्या-क्यो लगा रखा है ऊची ऊची


अपवित्र असुरो ने अपने अदर ही भरपूर मदर


मनोरजन का अभाग्य निर-जन


शुरू करो दिन रात विसर-जन


अत ना भरे भरपूर दत-म()जन