आज के अंदर चुप बैठ के आंखे
किसका खौफ खायी खा
ख़ाली डंडे का मासूस
तो ख़ाली है ना
आज के अंदर चुप बैठ के आंखे
किसका खौफ खायी खा
ख़ाली डंडे का मासूस
तो ख़ाली है ना
y जोर u का गुलाम है की कलाम है
लग गयी गल गयी कि लग अंदर गयी
थोड़ा ठहरो दायरों दाल
भरपूर दल अदर गयी
भरपूर पर-वार की भरपूर रात के
अंदर के दिन के उजाले की भरपूर
मौत की जोत
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बाहर निकलना तो सास के दामाद के लिए
जरूरी होने के लिये gut nature की
बहार का अंत अंदर है
सास के दामाद की दुनिया तो जन्मो पुरानी है
और तूतू में में आज की स्योनी है
तूतू में में को भगाने से वजन
कम होगा chi__का अदर
gut के डूबने से तूतू में में
डूब जायेगी
तर(पक)रकी रडकी तो वि-देश में
ही भरपूर होती है
or
ख़ाली तरे कच्ची gut में ख़ाली तैरती है
भरपूर बचा भरपूर सो रहा है और
ख़ाली अंदर ख़ाली गोदी को देख के
(ख)रो रहा है
&
आधे जनम आज के अंदर गवाया
और १०० भरपूर आधा
इधर उधर पैदा भरवाया
अगली पिछली सास को भूल भुलाया
नेक ख्याल एक को आया
नकली माल को लाल करवाया
चल मेरे भाई तू भरपूर तुड़वाया
y शादी के बाद सन्यास y
हां तो पहले ही लेलो और
बाद को बचायो इधर उधर की
बर्बादी की भरपूर _uck()प्यास
घर के अंदर बैठ के आंखे बंद
करके आयना नहीं देख सकते जो
बाहर एकजुट हो के gut गोदी के
ख़ाली आधे को देखना है
तुम्हारे दिखावे तो तुम्हारी दुनिया को ही
गम कर देंगे – भरपूर भायो
or
सास का दामाद बाहर नंगा दिखावा करता है
तो उसका बल मत अदर भी नगा को
दगा देता है उसका तो काम ही
मागा सग भरपूर भगा
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