पु()ला

अंदर का बच्चा ख़ाली पुतला होता है

जो भरपूर को ख़ाली पुत अंदर बनाता है

और

अंदर के ख़ाली बच्चे को सामने रख कर

तूतू में में की दुनिया में भरपूर

मांगने के लिए जास्ता है

ऐसे ब(ज)नता है तुम्हारा भरपूर

बेशरम लख ला()नता

और

भरपूर आँखे क्या चुराती है

आयने में से

इधर उधर

भरपूर असर

gut गोदी की वर्तमान heat से

gut ब्रह्माण्ड के

भूत, वर्तमान, भविष्य की गति

पर भरपूर असर पास्ता है


असुरो की भरपूर आदतों को

तो कोई असर आज भी

नहीं होता

सुनने सुनाने

ऊंचा सुनने सुनाने से भरपूर

शरीर पूरा होता है


दुनिया जाये तूतू में में के डर के

झाड़ सारा दिखता है

gut गोदी को


भरपूर असुरो के सास के

दामाद की पूरी घूरी

खेल ख़ाली

कच्ची ईंट-पत्थर-लकड़ी के घर

gut गोदी का खेल ख़ाली खेलते खा

तुम्हारे घर न तो ज़मीन पर है और

न ही तुम्हारी दुनिया के अंदर

दुनिया की गंध में इधर उधर की

भरपूर हवा बे-हाल है

अंदर चुपी त्यार

अब आज के अंदर चुपी भरने की

ठान ही ली है तो त्यार हो जायो

पुरानी यारियो के बीमे की एक-एक

भरपूर बात बैठी है सास के दामाद में

गले गल गलाने गे

आज के अंदर चुप बैठ के आंखे

किसका खौफ खायी खा ख़ाली

डंडे का मासूस तो ख़ाली

है ना

ध्यान धरे