अब बतिआयो
कलयुग का अंत कल होगा
के आज कल भी देख गया न
नज़र गिराया हिसाब अंत भी
न जाने कल क्या होगा
नवाब का राज
आज तो शुरू करो
ख़ाली अंत का ख़ाली साज़
अब बतिआयो
कलयुग का अंत कल होगा
के आज कल भी देख गया न
नज़र गिराया हिसाब अंत भी
न जाने कल क्या होगा
नवाब का राज
आज तो शुरू करो
ख़ाली अंत का ख़ाली साज़
भरपूर के गले का निवाला
मर्द हिम्मत का भरपूर हवाला
इधर उधर बिखेरे काम वरमाला
धर्मो की सीख पूरा सतवाला
घूरे गहन गहन अदर घोर दिवाला
y in()id u are _hos()n 1
& so is ever-y1
el_e in(out)id
u _out y
is y wor_d na()ur-al
que_tion y()s-lf
no u mu_t fool not elf
& y in()id u _ar @
eas()iest y
to fool
तुम आधे के ख़ाली को क्या भाव दोगे
एही न तुम्हे इधर उधर सू-धारना गिराना है
बिना अदर गिराये
और अंदर तो कभी
बेडा हे गरक हे बेडा
ਆਂਡਾ ਵੇ ਆਂਡਾ
ਭਜ ਗਯਾ ਅੱਧਾ ਭਾਂਡਾ
ਭਾਂਡੇ ਵਿਚ ਮੋਰੀ
ਦੇ ਭਾਈ ਖਾਲੀ ਤੋਰੀ
ਕਿਥੇ ਸੁੱਟੀ ਆਂਦਰੀਆਂ ਦੀ ਚੋਰੀ
ਲੁਟੇ ਬਾਜ ਲਾਹੁਣ ਲਵੀਂ ਲੋਰੀ
ਭਰਪੂਰ ਨੀਂਦਰਾਂ ਨਹੀਂ ਭਾਨੀ ਭੋਰੀ
ਡੁਲ ਡੁਲ ਜਾਇ ਵਿਚ ਨਾ ਮਿਲੀ
ਵਿਛੋੜੀ ਵਿਛੋੜੀ
ਇਹ ਸਾਸ ਭਾਂਡਿਆਂ ਦੀ ਨਕ ਨਾ
ਬਹਤ ਵੈਰ ਰੱਖਦੀ ਆ
ਭਾਂਡੇ ਇਹਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ
ਆ ਸਿੰਘ ਸਾਨੂ ਸਾਜ
ਅਖਾ ਦੇ ਭਰਪੂਰ ਕਾਜ ਸੁਟ ਉਪਰ ਤਾਜ
ਕਿਥੇ ਜਾਯੋਗੇ ਖਾਲੀ ਕਮਜ਼ਾਤ
all wi_d()om is _ooted in
lear_ing to _all thin_ bie
th()ir rig()t _ame
for left on _oes un()not-iced
तकल्लुफ का असर भरपूर असुर बहेगा
भरपूर आधा जन्म में भरपूर ही रहेगा
जातो के भेद मर्द भाव पाता ही रहेगा
कल का मातम आज की गोदी भरेगा
बूंदियो ने इज़्ज़त गवाई कोई न रोया गड़ेगा
बिलखा रात का साया भी न सोया दिखेगा
आखो ने गोदी गवाया बूंद बूंद न बिखरेगा
a f()ee _ind in()id u _odi
is y de_il
i.e
y wor_d is _oing to be c()illed
4 each भरपूर is in()id
em_tee re()illed
You must be logged in to post a comment.