ख़ाली आधा-आधे आए

श्री श्री श्री

देवकी रुक्मिणी यषोदा

सारी बुँदिआ कलयुग के केवल्य

आधे बूंदी के अंदर सृष्टि

गोदी वसु-बा को निर्धारित

नमय ने नाए

आधा ऊपर

आधे निचे

बीच में गोदी

सींचे

आधे प्रदान

अलख निरंजण
सृष्टि गोदी का अन्न-जण निराकार


भिक्षां देहि भिक्षां देहि भिक्षां देहि


हे अन्नपूर्णा देवी


आधे को गोदी नंदन के लिए


गोदी उद्धार आदान कीजिए