भर ()री

तुम्हारी दुनिया की जुबां की

तूतू में में की मू-रखता

अंदर बाहर _a()ch को ज़ुबान की

तल की आग भर्ती है भरपूर के अदर

बस इधर उधर भरपूर भारी है

तूतू भर

ज़ुबान की तूतू में में भरने के लिए

सास का दामाद ख़ाली बैठा है

और कहता है हमारा समाया अदर ख़ाली है

तो फिर भरपूर किसके साथ है


gut गोदी की हवा को गन्दा

कैसे हो गया सफा

भरपूर सफर

तूतू में में की ज़ुबानो की कमाई से

ख़रीदी सास के दामाद की

बीमा()रियों का सफर

तूतू में में की दुनिया में

भरपूर मगलमय रहा है,

रहेगा और भरपूर आनद भरेगा

दुनिया की आशायो का मेला

ज़ुबानी भाषा का वस्त्र भरपूर ठेला

यारियो का बीमा नहीं करवाया तो फिर

तूतू में में इधर उधर भरपूर

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वे()ला

भरपूर बाड़

मौत को छूआ

और छू नहीं आई

मौत को डराया तो क्या छूया छायी

अब तो तेरी छू भरपूर भायी

गिरा तू अंदर भरपूर बाड़ बाई

मौत भरपूर भागते का भाग्य

भाग भरपूर भाई