भरते रहो बीमा

ख़ाली दामाद तो देने से रही सास

gut गोदी को (लेकिन एह तो हो के

रहेगा आज के युग में)

आधे को क्या बीमा(वार)रिया

भरनी है तूतू में में की दुनिया की

कम(खा)यी से gut गोदी के अंदर

a ba_ic _eed of ha_f

wit()in _ur()ace breathing

is to ful()ill

y _chill