भरपूर gut

भरपूर gut की भरपूर जात क्या होती है

बेचारा

बीमा-या-रियो का कुवारा

वारे न्यारे

इधर उधर निवाला

अदर का भरपूर हवाला

न उतरे सास

दामाद फुरसत वाला

ਪਈ ਪਾ

नमक सब-जियो की यारी को गला देता है

गले के अंदर सारी सब ज़िया गुजर

जाती है आराम से

उससे gut के अंदर के भरपूर जी कब

तक पक्के रहते है

ਕਾਲਾ ਜੀ ਕੱਚਾ ਕੱਚਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈਨਾ

ਸਬਜੀ ਨੂੰ ਫੜ ਲਿਆ ਅੱਗ ਨੇ

ਜੀ ਜੀ ਦੀ ਪਈ ਪਾ

सपनो की फिक्र

अपने सपनी से ज्यादा अपनो के भरपूर सपनो की फिक्र रहती है


भरपूर का फायदा तो पूरा ही होना चाहिये


मार धाड़ के सपने तो सब के एक है


मुझे आगे बड़ना है


अब यह भी ले लो


भरपूर न तो पिछे हटता है और

न ही आगे निकल नाता है


यह तो बीच में हे कही अटका हुआ है


मद मद का अकल है

निकल गया

स-पनो के अंदर भरपूर पसीना नहीं बहाता


सीना भी तो सेना को एक प से मिलाता


तभी दिन भी सपना बन कर निकल जाता


भरपूर फल मन-तर मुग्ध देखे मस्य का मल निकल जाता