_ast-er-y

_ast-er-y of senses क्या होती है


अस्तर-आनी को बिठा दो अंदर


ख़ाली डंडे तो निकाल ही देंगे निवाले का दिवाला gut के ऊपर


भरेंगी इन-घरिया gut के ख़ाली ऊपर


हो गई बयानी धारियों की धरड़ धरड़

छी छही

काम से हाथ धोयोगे


बल मत भरपूर को खो दोगे


(भरपूर दर्द देता है भरपूर को
कितना चुभता है एक-एक भरपूर को)


तो निवाले ने तो कभी हाथ को

छुआ छी छही

खिचायो ख़ूफान

टेड़े मेडे रास्तो से निकले एक भरपूर की


ज़ुबान की बात दुसरे भरपूर के टेड़े मेडे


रास्तो से गुजर के पहुंची अदर दामाद के अन-जान


बाहर निकला ज़ुबान का मेहमान


gut गोदी में क्या मचाते है


शम-शान

परेशान

ज़ुबान को ज़मीन कैसे मिलेगी


बहुत दूर है


टेड़े मेडे रास्ते दामाद के भरपूर बहम भाम